वैदिक ज्योतिष के अनुसार
गुण मिलान, मंगल दोष एवं वैवाहिक सुख का सटीक ज्योतिषीय विश्लेषण — पं. अरुण दुबे द्वारा
हमारी सेवाएँ
वर–वधू की जन्म कुंडली के आधार पर सफल, सुखी एवं स्थायी वैवाहिक जीवन हेतु विस्तृत मिलान एवं मार्गदर्शन।
वर–वधू के 36 गुणों का मिलान कर मानसिक, भावनात्मक एवं शारीरिक सामंजस्य का आकलन।
कुंडली में मंगल दोष की स्थिति, उसके प्रभाव एवं वैदिक निवारण उपाय।
विवाह के बाद दांपत्य जीवन, आपसी समझ एवं दीर्घकालिक स्थिरता का विश्लेषण।
विवाह में विलंब के ग्रह कारणों की पहचान एवं शीघ्र विवाह हेतु ज्योतिषीय समाधान।
पुनर्विवाह की संभावना, समय एवं उसके सफल परिणामों का अध्ययन।
विवाह में बाधा दूर करने एवं सुखी दांपत्य जीवन हेतु विशेष पूजा एवं मंत्र।
कुंडली विश्लेषण के माध्यम से व्यक्ति के जीवन से जुड़े प्रत्येक महत्वपूर्ण पहलू को समझा जाता है। जन्म के समय ग्रहों की स्थिति यह दर्शाती है कि व्यक्ति का स्वभाव कैसा होगा, उसकी सोच, निर्णय क्षमता और कर्म का प्रभाव जीवन पर किस प्रकार पड़ेगा।
कुंडली के आधार पर यह जाना जाता है कि विवाह कब होगा, प्रेम विवाह या पारंपरिक विवाह के क्या योग बन रहे हैं, दांपत्य जीवन में सुख-शांति रहेगी या नहीं। साथ ही करियर, नौकरी, व्यापार, शिक्षा, धन प्राप्ति एवं आर्थिक स्थिरता के ग्रह योगों का भी सूक्ष्म अध्ययन किया जाता है।
कुंडली विश्लेषण व्यक्ति को केवल भविष्य की जानकारी नहीं देता, बल्कि जीवन में संतुलन, आत्मविश्वास और सही मार्ग चुनने में सहायता करता है।